निजता के हनन के नाम पर सूचना के अधिकार को कमजोर करने की कोशिश एक बार फिर चल
रही है। सरकारी नौकर या सरकार से धन लेने वाले लोग से जुड़ी सूचनाएं किसी भी तरह निजी
सूचनाओं के तहत नहीं आती हैं। सरकार और नौकरशाही की नीयत ठीक नहीं है। गोपनीयता के
नाम पर गलत काम करने की छूट ली जाती है। यह प्रजातांत्रिक मूल्यों के एकदम खिलाफ है।
इस बारे में सामाजिक सरोकार रखने वाले लोगों को व्यापक विरोध करना चाहिए।
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